BALCO and Cement Udhyog in Chhattisgarh

BALCO and Cement Udhyog in Chhattisgarh – इसके पहले भाग में हमने Bhilai Steel Plant and Other Steel Industries in Chhattisgarh के विषय में पढ़ा । आज हम छत्तीसगढ़ के सीमेंट उद्योग और बालको कोरबा  के विषय में पढेंगे ।

BALCO and Cement Udhyog in Chhattisgarh

BALCO and Cement Udhyog in Chhattisgarh


भारत एल्युमिनियम कं. लिमिटेड  – BALCO KORBA

स्थान – कोरबा
स्थापना – 1965
तकनिकी सहयोग – सोवियत संघ – USSR ( रूस-Russia ) एवं हंगरी 
उत्पादन वर्ष – 1972 

कच्चे माल की आपूर्ति – Supply of Raw Materials

बॉक्साइट ( Bauxite ) –  बॉक्साइट की आपूर्ति  पहले अमरकंटक से वर्तमान में मैनपाट ( सरगुजा जिला ) अंबिकापुर  और फटका पहाड़ कोरबा से  होती है ।
जल ( Water ) –  हसदेव बैराज कोरबा से ।

विशेष – Special


  • बालको (Balco) पहले एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम था, किन्तु वर्तमान में यह एक संयुक्त उपक्रम है ।
  • भारत शासन द्वारा 2001 में BALCO के 51% हिस्सा ( Share ) स्टारलाईट कम्पनी ( वेदान्त ग्रुप ) के अनिल अग्रवाल को बेच दिया गया है ।
  • देश में निर्मित \”अग्नि\” एवं \”पृथ्वी\” प्रक्षेपास्त्र में 90% एल्युमिनियम बालको का प्रयोग किया जाता है ।

सीमेंट उद्योग   – CEMENT INDUSTRIES

जामुल भिलाई दुर्ग 


ACC ( Associate Cement Company ) एसोसियेट सीमेंट कंपनी 
स्थापना – 1965 
विशेष – यह छत्तीसगढ़ का प्रथम सीमेंट कारखाना है 

बलौदा बाजार 


1. अम्बुजा सीमेंट – रवान Ravan
2. ग्रासिम अल्ट्राटेक सीमेंट – रवान Ravan
3. लाफार्ज इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड – सोनडीह Sondeeh
4. अल्ट्राटेक सीमेंट – हिरमी Hirmi

रायपुर  


1. सेंचुरी सीमेंट – बैकुण्ठ Baikunth
2. सीमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (CCI) – माँढर Mandhar – यहाँ वर्तमान में उत्पादन बंद है 

जांजगीर चाम्पा   


1. लाफार्ज इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड – अरसमेटा Arasmeta – इसे पहले Reymonds के नाम से जाना जाता था 
2. सीमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (CCI) – अकलतरा Akaltara – यहाँ वर्तमान में उत्पादन बंद है 


नोट:- बलोदा बाजार को सीमेंट फैक्टरी का हब (HUB) कहा जाता है 

Bhilai Steel Plant and Other Steel Industries in Chhattisgarh

Bhilai Steel Plant and Other Steel Industries in Chhattisgarh – इसके पहले भाग में हमने Chhattisgarh Me Udhyog (Industries) ki Shuruaat aur Vargikaran के विषय में पढ़ा । आज हम छत्तीसगढ़ के लौह आधारित उद्योग भिलाई स्टील प्लांट और अन्य लौह उद्योग  के विषय में पढेंगे ।

Bhilai Steel Plant and Other Steel Industries in Chhattisgarh 

Bhilai Steel Plant and Other Steel Industries in Chhattisgarh

भिलाई स्टील प्लांट – Bhilai Steel Plant

स्थान – भिलाई दुर्ग 
स्थापना – द्वितीय पंचवर्षीय योजना ( 1956-1961 )
सहयोग – सोवियत संघ – USSR ( रूस-Russia )
उत्पादन वर्ष – 1959 
क्षेत्र – सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम ( Public Sector Unit – PSU )
अधीन – SAIL ( स्टील अथॉरिटी इंडिया लिमिटेड )

कच्चे माल की आपूर्ति – Supply of Raw Materials

  1. लौह अयस्क (Iron Ore) – दल्ली राजहरा (बालोद ) – दल्ली राजहरा में लौह अयस्क समाप्ति के कगार पर है अतः भविष्य में कांकेर जिले के रावघाट से लौह अयस्क की आपूर्ति की जायेगी ।
  2. कोयला (Coal) – कोरबा ( Korba )
  3. कोकिंग कोयला (Coking Coal) – बोकारो झारिया ( झारखण्ड )
  4. डोलोमाईट (Dolomite) – हिर्री माइंस ( बिलासपुर )
  5. चूना पत्थर (Limestone) – नंदिनी खुन्दनी माइंस – भिलाई 
  6. मैगनीज (Manganese) – बालाघाट ( मध्यप्रदेश )
  7. विद्युत (Electricity) – NTPC कोरबा ( Korba )
  8. जल (Water) – तांदुला ( बालोद ) , गोंदली एवं रविशंकर जलाशय ( धमतरी – गंगरेल बाँध )

मुख्य उत्पाद  – Main Product

इस सयंत्र द्वारा रेल की पटरियां, रेल के पहिये, इस्पात की प्लेट, छड़ आदि आदि का निर्माण किया जाता है । 
मुख्यतः इन उत्पादों में से स्टील प्लेटों का  निर्यात ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, इटली आदि देशों में किया जाता है । 
रेल की पटरियां मुख्यतः ईरान, तुर्की, मिश्र, सुडौन आदि देशों में किया जाता है ।

विशेष   – Special

  • भारत एवं रूस के मैत्री के प्रतीक स्वरुप भिलाई में \”मैत्रिबाग\” की स्थापना की गयी है ।
  • भिलाई स्टील प्लांट के द्वारा \”जवाहरलाल नेहरु चिकित्सा अनुसन्धान केंद्र\” की स्थापना भिलाई के Sector 9 में की गई है ।
  • लोककला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए भिलाई में \”नेहरु आर्ट गैलेरी\” स्थापित है ।
  • तीजन बाई ( पांडवानी गायिका ), देवदास बंजारे ( पंथी नर्तक ), नेल्सन ( मूर्तिकार ) को भिलाई स्टील प्लांट के द्वारा संरक्षण प्राप्त है ।
  • भिलाई स्टील प्लांट के साथ ही राउरकेला , दुर्गापुर स्टील प्लांट का निर्माण द्वितीय पंचवर्षीय योजनाकाल में हुआ ।
  • भारत के कुल स्टील उत्पादन का लगभग 15% उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है ।

अन्य लौह इस्पात उद्योग  – Other Iron Steel Industries 

  1. प्रकाश स्पंज आयरन – चाम्पा 
  2. नोवा स्पंज आयरन – दगौरी (बिलासपुर)
  3. राजेन्द्र स्टील – सिलतरा रायपुर 
  4. जिंदल स्टील पॉवर लिमिटेड – रायगढ़ – एशिया का सबसे बड़ा स्पंज आयरन कम्पनी 
  5. नगरनार इस्पात सयंत्र – बस्तर NMDC द्वारा 
  6. एस्सार इस्पात सयंत्र – बस्तर – हीरानार 
नोट: 
  • डिलमिली (बस्तर) में NMDC व SAIL द्वारा संयुक्त उपक्रम प्रस्तावित है 
  • बस्तर में टाटा स्टील के प्रस्तावित इस्पात सयंत्र को स्थानीय निवासियों द्वारा विरोध किये जाने के कारण वापस ले लिया गया है  

Chhattisgarh Me Udhyog (Industries) ki Shuruaat aur Vargikaran

Chhattisgarh Me Udhyog (Industries) ki Shuruaat aur Vargikaran  – इसके पहले भाग में हमने छत्तीसगढ़ की साक्षरता , नगरीय एवं ग्रामीण जनसंख्याँ, अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्याँ, एवं अन्य धर्म सम्बन्धी जनसंख्याँ के विषय में पढ़ा । आज हम छत्तीसगढ़ के उद्योग (Industries) एवं उसका वर्गीकरण (Classification) के विषय में पढेंगे ।

Starting of the industry in Chhattisgarh and their Classification 

छत्तीसगढ़ में उद्योग की शुरुआत एवं वर्गीकरण 

 

Chhattisgarh Me Udhyog (Industries) ki Shuruaat aur Vargikaran
छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, प्रदेश में खनिज, उर्जा, जल, व मानवीय संसाधन पर्याप्त होने के बावजूद राज्य घट्न होने तक क्षमता अनुसार राज्य का औद्योगिकीकरण नहीं हुआ ।
स्वतंत्रता के पहले छत्तीसगढ़ राज्य में सिमित उद्योग ही स्थापित थे, किन्तु स्वतंत्रता के पश्चात् द्वितीय पंचवर्षीय योजनाकाल से इस क्षेत्र में उद्योगी का नियोजित विकास हुआ ।

स्वतंत्रता के पहले – Before Independence

  1. बंगाल नागपुर कॉटन मील ( BNC Mill) – 1892, राजनंदगांव Raajnandgaon
  2. बिलासपुर रेलमंडल ( Bilaspur Railway Division ) – 1900, बिलासपुर 
  3. मोहन जुट मील ( Mohan Jute Mill ) – 1935, रायगढ़ 

स्वतंत्रता के पश्चात् – After Independence

  1. 1955 – इस्पात सयंत्र ( Steel Plant ) हेतु भारत का रूस (Russia) आज सोवियत संघ USSR से अनुबंध हुआ ।
  2. इसी पंचवर्षीय योजनाकाल में भिलाई इस्पात सयंत्र ( Bhilai Steel Plant ) BSP का निर्माण हुआ । 1959 से भिलाई इस्पात सयंत्र का उत्पादन शुरू हुआ ।
  3. 1965 –  एसोसियेट सीमेंट कारपोरेशन ( ACC ) बना – स्थान जामुल दुर्ग 
  4. 1965 – भारत एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड ( BALCO) कोरबा की स्थापना और उत्पादन 1972 से हुआ।
  5. 1966 –  रेलवे वैगन रिपेयर शॉप WRS रायपुर – इसका कार्य प्रारम्भ 1968 में हुआ और यहाँ रेलवे वैगन ( मालगाड़ी के डिब्बे) बोगियों की मरम्मत एवं सुधर की जाति है ।
  6. 1968 – राष्ट्रिय खनिज विकास निगम ( National Mineral Development Corporation ) किरंदुल – दंतेवाडा  की स्थापना ।
  7. 1978 – नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन (NTPS) कोरबा की स्थापना ।
  8. 1978भारत रिफैक्ट्रिज लिमिटेड (BRP) भिलाई में स्थापना – यहाँ मुख्य रूप से अग्नि सह ईंटों का निर्माण किया जाता है ।
  9. 1979 – फेरो स्क्रैप कारपोरेशन लिमिटेड भिलाई की स्थापना । लौह अयस्क से इस्पात निर्माण की प्रक्रिया में कुछ प्रतिशत लौह इस्पात का स्क्रैप के रूप में निकलता है जिसका पुनः उपयोग करने के लिए इसकी स्थापना की गई है ।
  10. 1985Bhilai Engineering Corporate ( BEC – Fertilizer ) सिरगिट्टी बिलासपुर – उर्वरक निर्माण  
  11. 1987 – SECL (South Eastern Coal Limited) बिलासपुर – यह कोल इंडिया कम्पनी (CIL) के अधीन कोयला उत्खनन कम्पनी है ।
  12. 1988जिंदल स्टील प्लांट लिमिटेड ( JSPL ) रायगढ़ 
  13. 2001NSPCL ( NTPC SAIL Power Company Limited ) यह NTPC और SAIL का संयुक्त उपक्रम है ।
  14. 2002 – NTPC सीपत बिलासपुर की स्थापना 
  15. 2003 – दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे जोन ( SECR ) बिलासपुर – यह भारत का 16 वां रेल्वे जोन है ।

उद्योगों का वर्गीकरण – Classification of Industries

खनिज आधारित उद्योग 

  1. कपडा उद्योग 
  2. जूट उद्योग 
  3. शक्कर कारखाना 
  4. मैदा उद्योग 
  5. चांवल उद्योग 

वन आधारित उद्योग 

  1. कागज उद्योग 
  2. कत्था उद्योग 
  3. कोषा उद्योग 
  4. रेशम उधोग 
  5. लाख उद्योग 

अन्य उद्योग 

  1. माचिस उद्योग 
  2. सिगरेट उद्योग / बीड़ी उद्योग 
  3. उर्वरक उद्योग 

Chhattisgarh Literacy and Religious Population

Chhattisgarh Literacy and Religious Population: इसके पहले भाग में हमने छत्तीसगढ़ जनसंख्याँ वृद्धि दर एवं लिंगानुपात के विषय में पढ़ा । आज हम छत्तीसगढ़ की साक्षरता , नगरीय एवं ग्रामीण जनसंख्याँ, अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्याँ, एवं अन्य धर्म सम्बन्धी जनसंख्याँ  के विषय में पढेंगे ।

Chhattisgarh\’s Literacy, Rural and Urban, Scheduled Castes and Tribes and Other Religions Population Details

Chhattisgarh Literacy and Religious Population

छत्तीसगढ़ – साक्षरता 

  • 7  वर्ष या उससे अधिक आयु के किसी भी भाषा में पढने एवं लिखने में समर्थ व्यक्ति को साक्षर माना जाता है । 
  • 2011 जनगणना के अनुसार देश की साक्षरता दर 72.99 % है । 
  • 2011 जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़  की साक्षरता दर 70.28 % है एवं 2001 के अनुसार 64.66% थी । 
  • 2011 जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल साक्षर व्यक्तियों की संख्या 1.53 करोड़ है । 
  • पुरुष साक्षरता दर 2011 में 80.27% एवं महिला साक्षरता दर 2011 में 60.24% है । 
  • छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक साक्षर वाला जिला \”दुर्ग\” है – 79.69%। 
  • छत्तीसगढ़ में सबसे कम साक्षर वाला जिला \”बीजापुर\” 40.86 % है । 
  1. कुल साक्षर व्यक्ति 1.53 करोड़ – पुरुष 88 लाख एवं महिला 65 लाख 
  2. साक्षरता दर 70.28% – पुरुष 80.27% एवं महिला 60.24%

 18 जिलों के आधार पर 

सर्वाधिक साक्षर 

ज्यादा साक्षर जिला     ज्यादा पुरुष साक्षर जिला     ज्यादा महिला साक्षर जिला 
        दुर्ग                              धमतरी                                  दुर्ग 
        धमतरी                        दुर्ग                                        धमतरी 
        राजनांदगांव                 राजनांदगांव                           राजनांदगांव     
कम साक्षर जिला         कम पुरुष साक्षर जिला     कम महिला साक्षर जिला 
        बीजापुर                       बीजापुर                                 बीजापुर 
        दंतेवाडा                       दंतेवाडा                                दंतेवाडा
        नारायणपुर                   नारायणपुर                            नारायणपुर    

27 जिलों के आधार पर 

ज्यादा साक्षर जिला     ज्यादा पुरुष साक्षर जिला     ज्यादा महिला साक्षर जिला 
        दुर्ग                              धमतरी                                  दुर्ग 
        
कम साक्षर जिला         कम पुरुष साक्षर जिला     कम महिला साक्षर जिला 
        सुकमा                         सुकमा                                  सुकमा
        

छत्तीसगढ़ – ग्रामीण एवं नगरीय जनसंख्याँ 

2011 जनगणना के अनुसार  
  1. छत्तीसगढ़ ग्रामीण जनसंख्याँ 19607961
  2. छत्तीसगढ़ ग्रामीण जनसंख्याँ प्रतिशत 76.76%
  3. छत्तीसगढ़ नगरीय जनसंख्याँ 5937237
  4. छत्तीसगढ़ नगरीय जनसंख्याँ प्रतिशत 23.24%

18 जिलों के आधार पर 

ग्रामीण जनसंख्याँ
सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्याँ  – रायपुर
सबसे कम ग्रामीण जनसंख्याँ – नारायणपुर 
सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्याँ प्रतिशत – जशपुर
सबसे कम ग्रामीण जनसंख्याँ प्रतिशत – दुर्ग 
नगरीय  जनसंख्याँ
सर्वाधिक नगरीय  जनसंख्याँ  – रायपुर
सबसे कम नगरीय  जनसंख्याँ – नारायणपुर 
सर्वाधिक नगरीय  जनसंख्याँ  प्रतिशत – दुर्ग
सबसे कम नगरीय  जनसंख्याँ  प्रतिशत – जशपुर

27 जिलों के आधार पर 

10 लाख से अधिक जनसंख्याँ वाले 2 शहर –  रायपुर एवं दुर्ग 
सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्याँ  – रायपुर
सबसे कम – नारायणपुर 
जशपुर, कांकेर, कवर्धा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाडा जिले की नगरीय जनसंख्याँ 1 लाख से अधिक नहीं है ।

छत्तीसगढ़ – अनुसूचित जाति  जनसंख्याँ 

2011 के जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य की अनुसूचित जाति जनसंख्याँ 3274269 है, तथा प्रतिशत में 12.82% है ।
                                          18 जिलों के आधार पर        27 जिलों के आधार पर 
  • सर्वाधिक जनसंख्याँ –    रायपुर                                 जांजगीर चाम्पा ( लोकसभा सीट आरक्षित )  
  • न्यूनतम जनसंख्याँ   –    नारायणपुर                           सुकमा 
  • सर्वाधिक प्रतिशत    –    जांजगीर चाम्पा                     मुंगेली 
  • न्यूनतम प्रतिशत      –    दंतेवाडा                               सुकमा 

छत्तीसगढ़ – अनुसूचित जनजाति  जनसंख्याँ 

2011 के जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य की अनुसूचित जाति जनसंख्याँ 7822902 है, तथा प्रतिशत में 30.62% है ।
                                          18 जिलों के आधार पर        27 जिलों के आधार पर 
  • सर्वाधिक जनसंख्याँ –    सरगुजा                                जशपुर
  • न्यूनतम जनसंख्याँ   –    नारायणपुर                           बेमेतरा  
  • सर्वाधिक प्रतिशत    –    बीजापुर                               सुकमा  
  • न्यूनतम प्रतिशत      –    जांजगीर चाम्पा                     रायपुर 

छत्तीसगढ़ – धर्म आधारित  जनसंख्याँ 

  1. हिन्दू         –       93.20%                         
  2. मुसलमान  –        2.01%
  3. इसाई        –        1.92% 
  4. सिक्ख       –        0.27%             
  5. बौद्ध         –        0.27%                  
  6. जैन           –       0.24%               
  7. अन्य धर्म   –       1.93%
  • छत्तीसगढ़ में मुसलामानों की सर्वाधिक आबादी – रायपुर 
  • छत्तीसगढ़ में ईसाईयों की सर्वाधिक आबादी – जशपुर 
  1. सांविधिक नगर – जहाँ नगर निगम , पालिका , पंचायत व छावनी ( जहाँ सेना रहती है ) हो उसे सांविधिक नगर कहते है । 
  2. जनगणना नगर – जहाँ जनसंख्याँ 5000 से अधिक हो और 75% जनसंख्याँ गैर कृषि कार्य में लगे हो उसे जनगणना नगर कहते है । 
नोट : 11 जुलाई 1987 को विश्व की जनसंख्याँ 5 अरब पार हो गयी थी अतः 11 जुलाई को विश्व जनसंख्याँ दिवस मनाया जाता है ।