Jhansi ki Rani, Tatya Tope, NanaSahab, Bahadur Sah Jafar-1857 Revolution

Jhansi ki Rani, Tatya Tope, NanaSahab, Bahadur Sah Jafar-1857 Revolution: इसके पहले हमने 1857 की क्रांति Part 1 में पढ़ा की  कैसे शुरू हुई और क्या कारण थे । आज हम पढेंगे की 1857 क्रांति के प्रमुख व्यक्ति, उसका नेतृत्व और विद्रोह का दमन कर्ता  ।

Jhansi ki Rani, Tatya Tope, NanaSahab, Bahadur Sah Jafar-1857 Revolution

Jhansi ki Rani, Tatya Tope, NanaSahab, Bahadur Sah Jafar-1857 Revolution


1857 की क्रांति के समय 

  • निर्धारित तारीख               – 31 May 1857
  • प्रतीक                           – कमल फूल एवं चपाती 
  • भारत का गवर्नर जनरल    – लार्ड केनिंग 
  • मुगल सम्राट                    – बहादुर शाह जफर II 
  • ब्रिटेन प्रधानमन्त्री             – लार्ड पाम्सर्तन
  • ब्रिटेन महारानी           – महारानी विक्टोरिया 
  • कमांडिंग अधिकारी         – हैस्से
  • सैन्य छावनी के अधिकारी – जनरल डेविड 

1857 क्रांति से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्ति 

1. बहादुर शाह जफर II : Bahadur Sah Jafar

  • 1857 की क्रांति इसी मुगल बादशाह के शासन काल में हुआ था ।
  • बहादुर शाह को विद्रोहियों ने अपना नेता घोषित किया उस समय उनकी उम्र 82 वर्ष की थी 
  • जब 1857 का विद्रोह का दमन होने लगा तब अंग्रेज सैन्य जनरल हड्सन ने इन्हें दिल्ली स्थित हुमायूँ के मकबरें में कैद किया 
  • 1858 में बहादुर शाह (Bahadur Shah) को निर्वासित कर रंगून भेजा गया और 1862 में उनकी मृत्यु हो गई , इनकी समाधी रंगून में ही है । 
  • शायर होने की वजह से ही उन्हें जफ़र (Jafar) कहा जाने लगा 

2. रानी लक्ष्मी बाई (Jhansi ki Rani ) : इनका मुल नाम मणिकर्णिका / मनु 

  • 13 वर्ष की आयु में झांसी के नरेश \”गंगाधर राव\” के साथ इनका विवाह हुआ 
  • 1852 में गंगाधर राव की निसंतान मृत्यु होने पर दत्तक पुत्र \”दामोदर राव \”  को अंग्रेजों ने झांशी का वास्तविक उत्तराधिकारी मानने से इनकार कर दिया ।
  • 1857 के विद्रोह के दौरान रानी लक्ष्मी बाई ने झांसी से विद्रोह का नेतृत्व किया , इस कार्य में उनका साथ \”तात्या टोपे\” ने दिया ।
  • 17 June 1858 को झांसी के रानी (Jhansi ki Rani) वीरगति को प्राप्त हुई ।
  • उन्हें पराजित करने वाले जनरल ह्यूरोज ने कहा था की \”विद्रोहियों में वह ही एक मात्र मर्द थी\”।

3. तात्या टोपे  ( Tatya Tope ): इनका मुल नाम रामचंद्र पांडुरंग 

  • 1857 के विद्रोहों में विद्रोहियों की तरफ से लड़ने वाला प्रसिद्ध मराठा नायक था 
  • तात्या टोपे (Tatya Tope )अपनी छापामार युद्ध के लिए प्रसिद्ध थे ।
  • इन्होने कानपुर में अंग्रेजों को चुनौती दी बाद में रानी लक्ष्मी बाई ( Jhansi Ki Rani ) से मिलकर मध्य भारत में अंग्रेजो को चुनौती दी ।
  • सिंधियां के सामंत जो इनके मित्र थे \”मानसिंह\” के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों ने उन्हें पकड लिया और फांसी की सजा दी।

4. कुंवर सिंह   ( Kunwar Singh )

  • बिहार के आरा जिले के प्रमुख जमींदार जिनके गाँव का नाम जगदीश पुर था 
  • अंग्रेजों ने इनकी जमींदारी छीन लि थी अतः इन्होने विद्रोह किया ।
  • विद्रोह के समय लगभग इनकी आयु 80 वर्ष थी , यह एक मात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने अंग्रेजो को कई बार पराजित किया था ।

5. बेगम हजरत महल ( Begam Hajrat Mahal )

  • अवध के अंतिम नवाब \”वाजिद अलीशाह\” पत्नी थी , अंग्रेजों ने नवाब को अपदस्थ कर कुशासन के आधार पर अवध को मिला लीया था और तभी \”बेगम हजरत महल\” ने विद्रोह किया ।
  • इन्होने अपने अवयस्क पुत्र \” विजरिस कादिर\” को नवाब नियुक किया परन्तु अंग्रेजों ने उनके विद्रोह का दमन किया ।
  • अंततः उन्हें अवध छोडकर नेपाल जाना पड़ा जहाँ उनकी मृत्यु हो गई ।

6. जनरल बख्त खां (General Bakht Khaan)

  • विद्रोहियों ने बहादुर शाह II को अपना नेता घोषित किया किन्तु शाह प्रतीकात्मक नेता थे  ।
  • वास्तविक नेतृत्व जनरल बख्त खां ने दिल्ली से किया  ।

7. नाना साहब  ( Nana Sahab ) मूल नाम – धोंधू पन्त 

  • ये अंतिम पेशवा \”बाजीराव II\” के दत्तक पुत्र थे ।
  • यह अपने निर्वाषित पिता \”बाजीराव II\” के साथ कानपुर जिले के \”बिठुर\” में निवास करते थे ।
  • इनकी पिता के मृत्यु के पश्चात् लार्ड डलहौजी ने इनकी पैतृक वार्षिक  पेंशन बंद कर दिया था इसलिए इन्होने कानपुर से इनका विद्रोह किया। 
विद्रोह के नेतृत्व कर्ता एवं दमन कर्ता 

       स्थान नेतृत्वकर्ता   दमनकर्ता 
  1. दिल्ली बहादुर शाह जफर II एवं  बख्त खां    बर्नार्ड निकोल्सन एवं हड्सन 
  2. कानपुर (UP ) नाना साहब एवं तात्या टोपे  कैम्पवेल
  3. जगदीशपुर(आरा UP) कुंवर सिंह विंसेट आयर एवं विलियम टेलर 
  4. झांसी  रानी लक्ष्मी बाई (Jhansi Ki Rani)ह्यूरोज 
  5. मध्यभारत ग्वालियर  तात्या टोपे (Tatya Tope) ह्यूरोज 
  6. लखनऊ (अवध ) बेगम हजरत महल व विजरिस कादिर  कैम्पवेल 
  7. फैजबाद      मौलवी अहमद उल्ला           कैम्पवेल 
  8. इलाहाबाद     लियाकत अली                  कर्नल नील 
  9. बरेली     खान बहादुर खान                  कैम्पवेल, हैव्लौक एवं आऊट्रम
  10. मथुरा     देवी सिंह 
  11. मेरठ     कदम सिंह 
  12. फतेहपुर    अजीम उल्ला 
  13. गोरखपुर    गजोधर सिंह 
  14. असम   मनीराम दत्त 
 इसके अगले भाग में हम पढेंगे दमन और क्रांति के असफल होने का कारण 

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