Indian Public Administration Online Classes for All Exam Part 1

Indian Public Administration Online Classes for All Exam Part 1: भारतीय लोक प्रशासन से भी बहुत से प्रश्न CGPSC ,VYAPAM, CMO, PATWARI परीक्षा में पूछे जाते है । हम इसमें केवल भारत का ना की किसी राज्य का लोक प्रशासन सम्बन्धित अध्ययन करेंगे । इसके बहुत से भाग है आज हम भाग 1 ( Part 1 ) का अध्ययन करेंगे ।

Indian Public Administration Online Classes for All Exam – Part 1

Indian Public Administration Online Classes for All Exam Part 1

लोक प्रशासन – Public Administration

प्रशासन – Administration –  जब शासन द्वारा जानता के कार्यों का प्रबंधन उत्कृष्ट तरीकों से किया जाता है तब उसे प्रशासन कहते है । प्रशासन एक मुक्त विचार है जो घरेलु से लेकर सरकारी कुछ भी हो सकता है । क्षेत्र के आधार पर ये बड़ा छोटा भी हो सकता है । 
लोक-प्रशासन – Pub-Administration –  लोक प्रशासन में लोक शब्द का अर्थ सरकार से लिया गया है ना की जनता से । अतः लोक प्रशासन मतलब जनता का शासन ना होकर सरकार का शासन होता है जो जनता के लिए होता है । 

एक ऐसा प्रशासन जहाँ सरकार द्वारा लोक उद्देश्यों के लिए , लोक धन का प्रयोग कर लोक सेवकों के माध्यम से लोक कल्याण के लिए किया जाता है। लोक प्रशासन में अभिकर्ता के रूप में कार्य करने वालें लोक सेवकों को अस्थायी कार्यपालिका कहते है जो लोक प्रशासक स्थायी राजनैतिक कार्यपालिका के मार्गदर्शन पर कार्य करती है । 
राजनीति निति का निर्माण करती है और नौकर शाह ( लोक-प्रशासन ) उन निति को लागू करती है । लोक प्रशासन राजनीति का यंत्र है । यहाँ लोक प्रशासन को राजनीती का नौकरशाह कहा गया है 

लोक प्रशासन का उदय और विकास – लोक प्रशासन का उदय और विकास दो चरणों में दीखता है,
1. प्राचीन काल 2. आधुनिक काल 

1. प्राचीन काल

प्राचीन काल में लोक प्रशासन अपने अलग विषय या एक विषय के रूप में सामने नहीं आ पाया अपितु यह राजनीति (Polity) के अधीन बना रहा । 

\”18 वीं दशक में जर्मनी में कैम्बेलिस्ट आन्दोलन बना था जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यों की लिए योग्य प्रशासकों को ढूँढना था । इस आन्दोलन द्वारा लोक प्रशासन का साहित्य तो लिखा गया किन्तु एक विषय के रूप में सामने नहीं आ पाया ।\”
\”19 वीं दशक में अमेरिका में Civil Services आन्दोलन किया जिसका कारण 1829 में लुट प्रणाली था । इस प्रणाली में कहा गया था की जो पार्टी जीतेगी उसके कार्यकर्ता लोक प्रशासक बनेंगें । इससे लोक प्रशासकों की योग्यता घटी, योग्य युवा बेरोजगार हो गए जिसके कारण अमेरिका में शिक्षित बेरोजगारी आ गई । 
1881 में अमेरिका के राष्ट्रपति \”गारफील्ड\” के मृत्यु के बाद लिक प्रशासन में सुधर का दबाव बढ़ा, जिससे 1883 में \”पेंडल्टन अधिनियम \” आया  व लुट प्रणाली खत्म कर Merit System लाया गया । इससे लोक प्रशाश्कों को अलग पहचान मिली लोक प्रशासकों का साहित्य लिखा जाने लगा ।
सिविल सेवकों को राजनीति से अलग प्रशासन मिला जिससे ये राजनीति विज्ञान से अलग आने लगे ।

2. आधुनिक  काल
आधुनिक काल में लोक प्रशासन के उदय एवं विकास को 5 चरण (5 Step ) पर देखा जाता है – 
1st Step.(1886 – 1926 ): राजनीति प्रशासन द्विभाजन 
इस चरण में \”वुड्रो विल्सन \” नामक विद्वान आया जिसने एक सिधान्त दिया \” राजनीति – लोक प्रशासन \”। जिसमें कहा गया की राजनीति का काम निति बनाना है तथा प्रशासन का कार्य इसे लागू करना है अतः इन्हें अलग अलग रहना चाहिए ।
लोक प्रशासन के पिता \”वुड्रो विल्सन \” की बातों या विचारों को फ्रेंक गुडनाऊ ने आगे बढाया जिसे अमेरिका में लोक प्रशासन का पिता कहा जाता है उसके बाद L. D. White ने अपने पुस्तक में \” Introduction to the Study of Public Administration \” द्वारा आगे बढाया । इस पुस्तक को लोक प्रशासन का पहली पाठ्य पुस्तक कहा जाता है। 
अगले भाग में इसके आगे का भाग पढेंगे 

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